मथुरा/वृंदावन: संत प्रेमानंद महाराज के 25 वर्षीय शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारीशरण की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। रिपोर्ट में शरीर पर कई चोटों का उल्लेख है और एक गंभीर घाव पर पांच टांके लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये टांके कब और कहां लगाए गए थे।
दीपक की मौत 25 सितंबर की सुबह वृंदावन स्थित गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी। गंभीर हालत में उन्हें मथुरा के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस को घटना की जानकारी अस्पताल से मिली थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई चोटों का जिक्र
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक दीपक के शरीर पर कई गंभीर चोटें पाई गईं। सिर पर टांकों वाला घाव, होंठ और ठुड्डी पर चोट, टखने पर घाव और हड्डी में फ्रैक्चर के अलावा सिर के पिछले हिस्से में हेमेटोमा और हेयरलाइन फ्रैक्चर का उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट में बाईं ओर की पांचवीं से आठवीं पसलियों में फ्रैक्चर और बाएं फेफड़े के फटने की भी पुष्टि की गई है। डॉक्टरों ने मौत का कारण मृत्यु से पहले लगी चोटों के चलते अत्यधिक रक्तस्राव और हेमोरेजिक शॉक बताया है।
पांच टांकों को लेकर पुलिस के सामने बड़ा सवाल
पोस्टमार्टम में शरीर के एक संवेदनशील हिस्से के आधार पर स्थित गंभीर घाव पर पांच टांके लगे होने की बात सामने आई है। अब पुलिस यह पता कर रही है कि ये टांके किसने और कब लगाए।
पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि गंभीर हालत में निजी अस्पताल ले जाने के बाद रक्तस्राव रोकने के लिए वहां उपचार के दौरान टांके लगाए गए हों। हालांकि, अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में इन टांकों का उल्लेख नहीं मिला है। इसलिए इस बिंदु पर जांच जारी है और अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
यौन अपराध की आशंका की भी जांच
पोस्टमार्टम के दौरान दो एनल स्लाइड सील करके फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी गई हैं। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं दीपक के साथ किसी तरह का यौन अपराध तो नहीं हुआ था।
यह जांच का एक पहलू है और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही इस संबंध में कोई ठोस तथ्य सामने आ सकेगा। फिलहाल इसे केवल जांच की दिशा के रूप में देखा जा रहा है।
25 सितंबर को क्या हुआ था?
पुलिस के अनुसार 25 सितंबर की सुबह करीब 10:30 बजे दीपक गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे। उन्हें गंभीर हालत में निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार फुटेज में दीपक के छत की ओर जाने और उसके बाद नीचे गिरने का घटनाक्रम सामने आया था। इसके साथ ही घटनास्थल से फॉरेंसिक टीम ने कई साक्ष्य जुटाए।
कमरे से मिले साक्ष्यों की भी जांच
इस मामले में पुलिस पहले से ही घटनास्थल और दीपक के कमरे से मिले साक्ष्यों की जांच कर रही है। पिछली रिपोर्टिंग के अनुसार कमरे से मोबाइल फोन, डायरी, एक ग्राइंडर और अन्य नमूने मिले थे, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस अब इन साक्ष्यों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अस्पताल के रिकॉर्ड से मिलाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।
परिवार और जुड़े लोगों से भी पूछताछ
मामले की जांच में दीपक से वर्तमान और पहले जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने परिवार के सदस्यों को भी जांच के लिए बुलाया है।
एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह के मुताबिक, पोस्टमार्टम में सामने आए घाव और पांच टांकों से जुड़े सवालों की भी जांच की जा रही है। उन्होंने यह संभावना भी जताई कि गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने के बाद रक्तस्राव रोकने के लिए उपचार के दौरान टांके लगाए गए हों, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
फॉरेंसिक रिपोर्ट से साफ होगी तस्वीर
इस मामले में कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अभी फॉरेंसिक और अन्य जांच रिपोर्ट पर निर्भर हैं। पुलिस के सामने मुख्य सवालों में यह शामिल है कि चोटें किस परिस्थिति में लगीं, संबंधित घाव पर टांके कब लगाए गए और फॉरेंसिक जांच में क्या सामने आता है।
इसके अलावा सीसीटीवी की टाइमलाइन, अस्पताल के उपचार रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
जांच के बाद ही सामने आएगा पूरा सच
रसिक दुलारीशरण की मौत को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई चोटों की पुष्टि होने के बाद जांच में नए सवाल जुड़े हैं, लेकिन इन सवालों का अंतिम जवाब फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही सामने आएगा।
इसलिए फिलहाल किसी भी संभावना को अंतिम कारण या निष्कर्ष मानना जल्दबाजी होगी। पुलिस सभी उपलब्ध साक्ष्यों को जोड़कर मामले की परिस्थितियों की जांच कर रही है।