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संभल में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम तो मचा बवाल, जमीन के मालिकाना हक को लेकर दो पक्ष आमने-सामने

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
25 September 2026 12:40 PM 1 मिनट पठन 937 Views
संभल में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम तो मचा बवाल, जमीन के मालिकाना हक को लेकर दो पक्ष आमने-सामने

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान अचानक तनाव की स्थिति बन गई। सरायतरीन इलाके में नगर पालिका की टीम पुलिस और बुलडोजर के साथ कुछ दुकानों और कथित अतिक्रमण को हटाने पहुंची थी। इसी दौरान जमीन के मालिकाना हक को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए और मौके पर तीखी बहस शुरू हो गई। हालात को देखते हुए पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

नगर पालिका की टीम पहुंचते ही बढ़ा विवाद

मामला हयातनगर थाना क्षेत्र के सरायतरीन कस्बे के बाजार का है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ स्थानीय लोगों ने मुख्य बाजार में घरों के सामने लगाए जा रहे फड़ और ठेलों को लेकर प्रशासन से शिकायत की थी। शिकायत में रास्ते और सरकारी नाले पर अतिक्रमण किए जाने का आरोप लगाया गया था।

इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार की निगरानी में मामले की जांच और जमीन की पैमाइश की प्रक्रिया शुरू हुई। गुरुवार को नगर पालिका के कर्मचारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंचे।

जमीन के मालिकाना हक को लेकर आमने-सामने आए पक्ष

टीम के मौके पर पहुंचने के बाद दोनों पक्षों के लोग वहां जमा हो गए। इसी दौरान जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद बढ़ गया।

रिपोर्ट के अनुसार, फखरुद्दीन नाम के व्यक्ति ने जमीन को अपनी निजी संपत्ति बताते हुए कार्रवाई का विरोध किया। उनका दावा है कि जमीन को लेकर सिविल कोर्ट में मुकदमा चल रहा है और हाईकोर्ट से भी स्टे मिला हुआ है। यह दावा संबंधित पक्ष का है और इसकी कानूनी स्थिति की पुष्टि प्रशासनिक जांच से होनी बाकी है।

शिकायतकर्ता ने क्या कहा?

दूसरी ओर, शिकायतकर्ता पराग वार्ष्णेय का कहना है कि राजस्व विभाग और नगर पालिका की पैमाइश में संबंधित जमीन को लेकर स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। उनका आरोप है कि कुछ लोगों ने घरों के सामने रास्ते पर अवैध रूप से फड़ और ठेले लगा रखे थे।

प्रशासन के सामने दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं, इसलिए जमीन के वास्तविक मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

तनाव बढ़ा तो बाजार में अफरातफरी

विवाद के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। तनाव को देखते हुए कुछ समय के लिए बाजार में दुकानें बंद कराई गईं। स्थिति बिगड़ने की आशंका के बीच पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से बातचीत की।

सीओ कुलदीप सिंह के मुताबिक, नगर पालिका की टीम को देखकर लोगों ने खुद ही अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया था। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।

भारी पुलिस बल तैनात, पैदल गश्त जारी

इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीन थानों की पुलिस को मौके पर लगाया गया। अधिकारियों ने इलाके में पैदल गश्त भी की।

प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। जमीन और अतिक्रमण से जुड़े विवाद की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी अतिक्रमण को लेकर हुई थी शिकायत

इस इलाके में सरकारी नाले और घरों के सामने लगने वाले अस्थायी बाजार को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आई थीं। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, नगर पालिका और पुलिस की टीम जब बाजार की जमीन का चिह्नांकन करने पहुंची थी, तब भी स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच नोकझोंक हुई थी। कुछ दुकानदारों ने सामान हटाए जाने से आर्थिक नुकसान होने की बात कही थी।

प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी नजर

फिलहाल प्रशासन के सामने सबसे अहम मुद्दा जमीन के रिकॉर्ड और अतिक्रमण की स्थिति को स्पष्ट करना है। एक पक्ष जमीन को अपनी निजी संपत्ति बता रहा है, जबकि शिकायतकर्ता और प्रशासनिक प्रक्रिया से जुड़े पक्ष अलग दावा कर रहे हैं।

ऐसे में दस्तावेजों, राजस्व रिकॉर्ड और अदालत से जुड़े आदेशों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की तस्वीर साफ होगी। पुलिस ने फिलहाल इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है।

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