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उमाशंकर सिंह की कंपनियों से 400 करोड़ से अधिक टैक्स वसूली की तैयारी, आयकर विभाग ने तैयार की रिपोर्ट

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
7 October 2026 11:31 AM 1 मिनट पठन 2819 Views
उमाशंकर सिंह की कंपनियों से 400 करोड़ से अधिक टैक्स वसूली की तैयारी, आयकर विभाग ने तैयार की रिपोर्ट

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ आयकर विभाग की जांच अब अगले चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, विभाग की इंवेस्टीगेशन विंग ने छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और कथित टैक्स चोरी से जुड़े साक्ष्यों का विश्लेषण करने के बाद रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में 400 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स देनदारी का आकलन सामने आने की बात कही गई है।

नई दिल्ली स्थित आयकर मुख्यालय भेजी जाएगी रिपोर्ट

रिपोर्ट के मुताबिक, आयकर विभाग की इंवेस्टीगेशन विंग अपनी रिपोर्ट को अंतिम निर्धारण के लिए नई दिल्ली स्थित आयकर मुख्यालय भेजेगी। इसके बाद संबंधित कंपनियों की वास्तविक टैक्स देनदारी का निर्धारण किया जाएगा।

इस प्रक्रिया में कंपनी संचालकों को अपना पक्ष रखने का अवसर भी मिलेगा। इसलिए फिलहाल सामने आई रकम को अंतिम कर देनदारी के रूप में नहीं, बल्कि जांच के आधार पर प्रस्तावित/आकलित राशि के तौर पर देखा जाना चाहिए।

फरवरी में 30 से अधिक ठिकानों पर हुई थी छापेमारी

आयकर विभाग ने फरवरी 2026 में उमाशंकर सिंह से जुड़े कई ठिकानों पर कार्रवाई की थी। रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ, बलिया, सोनभद्र, मिर्जापुर, प्रयागराज और कौशांबी समेत कई स्थानों पर 30 से अधिक परिसरों की तलाशी ली गई थी।

इस दौरान खनन और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिलने के साथ करीब 10 करोड़ रुपये नकद बरामद होने की बात सामने आई थी। कार्रवाई का संबंध छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी और साईं राम इंटरप्राइजेज से जुड़े सड़क एवं खनन कारोबार की जांच से बताया गया है।

अवैध खनन से जुड़े मामलों की भी जांच

आयकर विभाग की जांच में कथित अवैध खनन से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, विभाग ने मिर्जापुर और सोनभद्र में ड्रोन तथा सैटेलाइट इमेजिंग के जरिए भी खनन गतिविधियों से संबंधित साक्ष्य जुटाए।

इस जांच की पृष्ठभूमि में कैग की एक रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें सोनभद्र में खनन से जुड़े मामलों में करीब 60 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की बात सामने आई थी।

खनन विभाग के अधिकारियों की भूमिका का भी जिक्र

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, आयकर विभाग की तैयार रिपोर्ट में खनन विभाग के कुछ अधिकारियों की भूमिका का भी उल्लेख होने की बात सामने आई है। जांच के दायरे में खनन निदेशालय से जुड़े अधिकारी भी आए थे और उनसे जवाब मांगे जाने की जानकारी दी गई है।

छापेमारी के दौरान कुछ ऐसे दस्तावेज मिलने का भी दावा किया गया है, जिनमें नौकरशाहों और अन्य लोगों को कथित रूप से लाभ पहुंचाने से संबंधित जानकारी होने की बात कही गई है। हालांकि इन पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

उमाशंकर सिंह का अगस्त में हुआ था निधन

रसड़ा विधानसभा सीट से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का 6 अगस्त 2026 को निधन हो गया था। वह उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा के एकमात्र विधायक थे और रसड़ा सीट से लगातार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।

उनके निधन के बावजूद उनसे जुड़ी कंपनियों के वित्तीय और कर संबंधी मामलों की जांच जारी है। अब आयकर मुख्यालय द्वारा रिपोर्ट के आधार पर टैक्स देनदारी तय किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

अब आगे क्या होगा?

आयकर विभाग की रिपोर्ट नई दिल्ली स्थित मुख्यालय भेजे जाने के बाद संबंधित कंपनियों की आय, लेन-देन और कथित टैक्स चोरी से जुड़े रिकॉर्ड का अंतिम आकलन किया जाएगा। कंपनियों को अपना पक्ष रखने का अवसर भी मिलेगा।

इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वास्तविक टैक्स देनदारी कितनी निर्धारित होती है और कितनी रकम की वसूली की कार्रवाई की जाएगी।

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