लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार एक और अनुपूरक बजट पेश करने की तैयारी में है। रिपोर्ट के मुताबिक वित्त विभाग को इसकी तैयारी के संकेत दिए जा चुके हैं। माना जा रहा है कि इस बजट के जरिए कुछ मौजूदा योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराने के साथ नई घोषणाओं को भी लागू करने के लिए वित्तीय प्रावधान किया जा सकता है।
सरकार की यह तैयारी ऐसे समय में सामने आई है जब विधानसभा चुनाव से पहले विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने पर जोर दिया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित अनुपूरक बजट दिसंबर में होने वाले शीतकालीन सत्र के दौरान लाया जा सकता है।
चुनाव से पहले नई घोषणाओं की तैयारी
सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि अनुपूरक बजट में कुछ नई योजनाओं के लिए धन की व्यवस्था की जा सकती है। इनमें महिलाओं से जुड़ी एक प्रस्तावित योजना भी शामिल है, जिसके तहत महिलाओं को 40 हजार रुपये तक की सहायता देकर अपना कारोबार शुरू करने का अवसर देने की योजना पर काम हो सकता है।
इसके अलावा युवाओं के लिए भी कुछ नई घोषणाएं किए जाने की संभावना जताई गई है। हालांकि इन योजनाओं का अंतिम स्वरूप और वित्तीय प्रावधान सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से घोषित होना बाकी है।
दिसंबर में आ सकता है अनुपूरक बजट
रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र दिसंबर में होने की संभावना है। इसी दौरान चुनाव से पहले की जाने वाली योजनाओं और घोषणाओं के लिए अनुपूरक बजट पेश किया जा सकता है।
यह योगी आदित्यनाथ सरकार के मौजूदा कार्यकाल का दूसरा और आखिरी अनुपूरक बजट होने की संभावना जताई गई है। सरकार इसके जरिए उन योजनाओं के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध करा सकती है जिनके लिए मौजूदा बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान नहीं है।
पहले ही आ चुका है 59 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में पहले ही बड़ा अनुपूरक बजट पेश किया था। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने 4 अगस्त को करीब 59 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया था।
इससे पहले वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश सरकार ने करीब 9.12 लाख करोड़ रुपये का मूल बजट पेश किया था। अब प्रस्तावित नए अनुपूरक बजट के जरिए अतिरिक्त योजनाओं और घोषणाओं के लिए संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी है।
करीब इतनी ही राशि का हो सकता है नया अनुपूरक बजट
सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि आगामी अनुपूरक बजट का आकार भी पहले वाले अनुपूरक बजट के आसपास हो सकता है। यानी सरकार करीब 59 हजार करोड़ रुपये के आसपास अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान करने की दिशा में काम कर सकती है।
हालांकि, यह राशि अभी अंतिम नहीं है। वास्तविक आकार और विभागवार आवंटन बजट पेश होने के समय ही स्पष्ट होगा।
शहरी विकास कार्यों में भी तेजी
विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य सरकार ने शहरी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए हैं। निकायों से विकास कार्यों के प्रस्ताव जल्द शासन को भेजने को कहा गया है, ताकि नवंबर तक बजट आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
निर्देशों के मुताबिक दिसंबर तक इन कार्यों के टेंडर कराने और काम शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की कोशिश है कि चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले अधिक से अधिक विकास परियोजनाएं जमीन पर दिखाई दें।
नगर विकास विभाग के लिए 16,239 करोड़ रुपये का काम
रिपोर्ट के मुताबिक नगर विकास विभाग को इस वित्तीय वर्ष में राज्य सेक्टर की योजनाओं के तहत करीब 16,239 करोड़ रुपये के कार्य कराने हैं।
इनमें धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले शहरों में बुनियादी सुविधाओं के विकास से जुड़े काम भी शामिल हैं। इसके अलावा जिला मुख्यालय वाले नगर निगमों को आदर्श स्मार्ट नगर निकाय यानी नवयुग पालिका परिषद के रूप में विकसित करने की योजना है।
इसके तहत जरूरत के अनुसार सड़क, पार्किंग, पार्क और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।
चुनाव से पहले विकास कार्यों को पूरा करने पर जोर
सरकार की ओर से निकायों को योजनावार प्रस्ताव जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उद्देश्य है कि बजट आवंटन में देरी न हो और विकास कार्य समय से शुरू हो सकें।
सरकार चाहती है कि विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले जरूरी विकास परियोजनाएं शुरू हो जाएं। इससे शहरों में सड़क, पार्किंग, पार्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित कार्यों को गति देने की कोशिश की जा रही है।
बजट खर्च में तेजी लाने के निर्देश
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट खर्च की समीक्षा करते हुए विभागों को खर्च की गति बढ़ाने के निर्देश दिए थे।
सरकार के मुताबिक 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश का कुल बजट ₹9,99,056.48 करोड़ है। इसमें विकास योजनाओं के लिए ₹5,01,957.09 करोड़ का प्रावधान किया गया है। समीक्षा के समय तक ₹5,15,918.44 करोड़ यानी करीब 51.6 प्रतिशत की वित्तीय स्वीकृतियां जारी होने की जानकारी दी गई थी।
मुख्यमंत्री ने अगले दो महीनों में 70 प्रतिशत वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने और कुल आवंटित बजट के मुकाबले कम से कम 60 प्रतिशत खर्च सुनिश्चित करने का लक्ष्य भी दिया था।
महिलाओं और युवाओं पर फोकस
प्रस्तावित अनुपूरक बजट में महिलाओं और युवाओं से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है।
महिलाओं को स्वरोजगार या छोटा कारोबार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता देने की प्रस्तावित योजना को आगे बढ़ाया जा सकता है। वहीं युवाओं के लिए भी नई घोषणाओं के लिए बजट में प्रावधान किए जाने की संभावना है।
हालांकि, इन योजनाओं की पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और राशि से जुड़े अंतिम नियम सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होंगे।
कर्मचारियों के लिए भी सरकार की तैयारी
चुनाव से पहले राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े आर्थिक फैसलों पर भी काम कर रही है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार दिवाली से पहले राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बढ़े हुए डीए और बोनस की तैयारी चल रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक करीब 12 लाख कर्मचारी और 6 लाख पेंशनर इससे लाभान्वित हो सकते हैं। इसके अलावा करीब 2.70 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी की भी तैयारी बताई गई है।
2027 चुनाव से पहले बजट क्यों अहम?
उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में चुनाव से कुछ महीने पहले आने वाला अनुपूरक बजट सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसमें पहले से चल रही योजनाओं को अतिरिक्त धन देने के साथ नई योजनाओं और विकास परियोजनाओं के लिए भी राशि उपलब्ध कराई जा सकती है। हालांकि किसी भी योजना का वास्तविक लाभ तभी माना जाएगा जब उसके लिए बजट स्वीकृति के बाद जमीन पर क्रियान्वयन शुरू हो।
फिलहाल सरकार की तैयारियों से संकेत मिलता है कि चुनाव से पहले विकास कार्यों, शहरी सुविधाओं, महिला सहायता और युवाओं से जुड़ी योजनाओं पर जोर बढ़ सकता है।