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UP Paddy Procurement 2026-27: योगी सरकार ने तय किया 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य, किसानों को 48 घंटे में भुगतान

dbnadmin
DBN विशेष संवाददाता
13 October 2026 12:17 PM 1 मिनट पठन 108 Views
UP Paddy Procurement 2026-27: योगी सरकार ने तय किया 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य, किसानों को 48 घंटे में भुगतान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर 65 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और सरकारी खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है। इसके लिए प्रदेश में 4,500 क्रय केंद्रों के माध्यम से धान की खरीद की जाएगी। सरकार ने किसानों को भुगतान में देरी रोकने के लिए 48 घंटे के भीतर बैंक खाते में राशि भेजने की व्यवस्था करने की बात कही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नई धान क्रय नीति को मंजूरी दी गई। खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय के अनुसार, पिछले विपणन वर्ष में प्रदेश में 62 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी। इस बार सरकार ने अपने पिछले रिकॉर्ड से आगे बढ़ने का लक्ष्य रखा है।

65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने की तैयारी

राज्य में धान खरीद के लिए आठ सरकारी क्रय एजेंसियां काम करेंगी। इनके माध्यम से 4,500 क्रय केंद्र संचालित किए जाएंगे। जिलाधिकारियों को स्थानीय उत्पादन और धान की आवक को ध्यान में रखते हुए संबंधित एजेंसियों को क्रय केंद्र आवंटित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

सरकार का कहना है कि खरीद व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।

सामान्य और ग्रेड-ए धान का MSP कितना है?

केंद्र सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि के बाद खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान की दरें तय की गई हैं।

  • सामान्य धान: ₹2,441 प्रति क्विंटल
  • ग्रेड-ए धान: ₹2,461 प्रति क्विंटल

इन दरों के आधार पर सरकारी केंद्रों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप धान की खरीद की जाएगी। किसानों को सलाह है कि वे अपनी उपज बेचने से पहले संबंधित क्रय केंद्र से जरूरी दस्तावेजों और गुणवत्ता संबंधी नियमों की जानकारी प्राप्त कर लें।

पश्चिमी और पूर्वी यूपी में अलग-अलग तारीखों से खरीद

फसल पकने के समय और क्षेत्रीय परिस्थितियों को देखते हुए धान खरीद का कार्यक्रम दो चरणों में निर्धारित किया गया है।

  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 15 अक्टूबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश: 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक

इस व्यवस्था के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में तय समय के अनुसार सरकारी खरीद की जाएगी। किसानों को अपने जिले में निर्धारित क्रय केंद्र और खरीद शुरू होने की तारीख की पुष्टि स्थानीय प्रशासन या संबंधित विभाग से करनी चाहिए।

Farmer ID होने पर अलग पंजीकरण से राहत

नई व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार की AgriStack पहल के अंतर्गत Farmer ID रखने वाले किसानों को राज्य के खाद्य एवं रसद विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर अलग से पंजीकरण कराने से छूट देने की सुविधा दी गई है।

इसका उद्देश्य पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना और किसानों को सरकारी खरीद केंद्रों पर अनावश्यक औपचारिकताओं से राहत देना है। हालांकि, किसानों को अपनी पहचान और भूमि संबंधी जानकारी सही रखने के साथ यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी Farmer ID और संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध हों।

48 घंटे में बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था

योगी सरकार ने खरीदे गए धान का भुगतान सत्यापन के बाद 48 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। भुगतान के लिए सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) का इस्तेमाल किया जाएगा।

सरकार ने भुगतान में अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर पैसा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अपनी कृषि संबंधी जरूरतों के लिए भुगतान का इंतजार न करना पड़े।

GPS और QR कोड से बढ़ाई जाएगी निगरानी

धान खरीद व्यवस्था में गड़बड़ियों को रोकने के लिए परिवहन के दौरान GPS ट्रैकिंग वाले वाहनों के इस्तेमाल का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, चुनिंदा जिलों में चावल की बोरियों पर QR कोड के जरिए निगरानी की पायलट व्यवस्था लागू करने की योजना है।

सरकार ने खरीद प्रक्रिया के लिए 12.25 लाख बोरियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। इन कदमों का उद्देश्य अनाज की आवाजाही और आपूर्ति व्यवस्था पर निगरानी बढ़ाना है।

किसानों के लिए क्या है जरूरी?

सरकारी खरीद का लाभ लेने के लिए किसानों को अपने जिले में सक्रिय क्रय केंद्र, पंजीकरण की स्थिति, Farmer ID और बैंक खाते की जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए। धान की गुणवत्ता और खरीद से जुड़े नियमों का पालन करना भी जरूरी है।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। अब इस योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्रय केंद्रों पर खरीद कितनी सुचारु रहती है और किसानों को घोषित समर्थन मूल्य तथा समय पर भुगतान का लाभ किस हद तक मिल पाता है।

नोट: खरीद की तारीखें, पंजीकरण और भुगतान से जुड़ी नवीनतम जानकारी के लिए किसान अपने जिले के संबंधित सरकारी विभाग या अधिकृत क्रय केंद्र से पुष्टि करें।

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