इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ढाई महीने चली शादी के बाद दर्ज कराई गई दहेज उत्पीड़न और हत्या के प्रयास की FIR को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि हर टूटती शादी को आपराधिक केस में बदलने से विवाह जैसी संस्था प्रभावित होगी और तलाक की अर्जी के बाद दर्ज FIR कानून का दुरुपयोग दर्शाती है.
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