प्रयागराज शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन सोमवार को प्राचीन शक्तिपीठ मां कल्याणी देवी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भोर से ही माता के दर्शन के लिए मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। घंटा-घड़ियाल, शंखनाद और जय माता दी के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। नवरात्र को देखते हुए मंदिर में विशेष पूजन-अर्चन के साथ सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी पं. श्यामजी पाठक ने भोर में माता की विशेष मंगला आरती और महारुद्राभिषेक संपन्न कराया। वहीं, पं. संतोष कुमार मिश्र के नेतृत्व में 11 ब्राह्मणों द्वारा मंदिर परिसर में शतचंडी महायज्ञ कराया जा रहा है। इसके साथ ही दुर्गा सप्तशती का पाठ भी किया जा रहा है। मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु कतारबद्ध होकर माता के दर्शन कर रहे हैं। नवरात्र के शुभारंभ पर मंदिर प्रबंध समिति ने गर्भगृह में सेल्फी लेने पर स्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। मंदिर के पुजारियों के मुताबिक, सेल्फी लेते समय श्रद्धालुओं की पीठ माता की ओर हो जाती है। इससे पूजा की मर्यादा और अनुशासन प्रभावित होता है। इसी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अब श्रद्धालु माता के दर्शन के बाद गर्भगृह के बाहर से तस्वीर ले सकेंगे। भीड़ को देखते हुए डीसीपी सिटी के निर्देश पर कल्याणी देवी मंदिर के साथ अलोपी देवी और ललिता देवी मंदिर के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। पुलिस के साथ पीएसी और आरएएफ के जवानों को तैनात किया गया है। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से भीड़ पर नजर रखी जा रही है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बल, एंटी रोमियो स्क्वॉड और क्विक रिस्पांस टीम को भी सक्रिय रखा गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कल्याणी देवी मंदिर देश के 51 शक्तिपीठों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। मान्यता है कि यहां माता सती के हाथ की तीन उंगलियां गिरी थीं। इसी वजह से नवरात्र में यहां दर्शन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
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