औरैया, संवाददाता। यूपी के औरैया से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां बेटी के बिना बताए घर से चले जाने की नाराजगी में पिता हैवान बन गया। उसने अपने भांजे के साथ मिलकर बेटी की हत्या कर दी और शव को दलपतपुर के जंगल में दफना दिया। मंगलवार को पुलिस ने कन्नौज निवासी आरोपी पिता और उसके भांजे को गिरफ्तार कर इस सनसनीखेज हॉरर किलिंग का खुलासा किया।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने बताया कि 20 सितंबर को ग्राम प्रधान ऊसराहा की सूचना पर बेला पुलिस ने दलपपुर मोड़ के पास सड़क से करीब 50 मीटर अंदर बबूल के पेड़ों के बीच गड्ढे से युवती का शव बरामद किया था। फोटो से कन्नौज के कपूरापुर के रहने वाले रजत कुमार ने शव की पहचान बहन शिवानी के रूप में की। रजत ने बताया कि 9 सितंबर को पिता चंद्र प्रकाश शिवानी को दिल्ली ले जाने की बात कहकर निकले थे। बेला-तिर्वा मार्ग पर नायरा पेट्रोल पंप के पास बुआ का बेटा दीपक मिला तो पिता ने रात होने की बात कहकर रजत को वापस भेज दिया और खुद दीपक के साथ जाने की बात कही। शव मिलने के बाद पूछने पर पिता ने दीपक के साथ शिवानी की हत्या कर शव दलपतपुर के जंगल में दफनाने की बात कबूल की।
रजत की तहरीर पर बेला थाने में चंद्रप्रकाश और दीपक के खिलाफ हत्या व साक्ष्य मिटाने की रिपोर्ट दर्ज की गई। वहीं मंगलवार को पुलिस ने कैथावा मोड़ से चंद्रप्रकाश और दीपक को दबोच लिया। पुलिस ने बाइक और फावड़ा बरामद किया है।
शव की पहचान करना पुलिस के लिए बनी थी चुनौती
दलपपुर के जंगल में दफनाए गए युवती के शव की पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। मौका-ए-वारदात से ऐसा कोई सुराग नहीं मिला। उसके घरवालों तक पहुंचा जा सके। युवती की शिनाख्त के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। भाई रजत कुमार ने सोशल मीडिया पर तस्वीर देख उसकी पहचान अपनी बहन शिवानी के रूप में की। हत्याकांड की परतें खुलनीं शुरू हुईं। ऊसराहा गांव के प्रधान की सूचना पर औरैया के बेला पुलिस ने 20 सितंबर को दलपपुर मोड़ के पास वन विभाग की जमीन में गड़े युवती के शव को बाहर निकलवाया। शव कई दिन पुराना होने के कारण पहचान कराना आसान नहीं था। क्षेत्रीय विधि विज्ञान टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए और शव चिचौली स्थित शवगृह भेज दिया गया। पहचान न होने पर पुलिस ने आसपास के थानों और पड़ोसी जिलों से लापता युवतियों की जानकारी जुटानी शुरू की।
आधे रास्ते से लौट आया था रजत
घटनास्थल की ओर आने-जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई। युवती की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की गई। जिसे देखकर रजत को अपनी बहन के साथ अनहोनी की आशंका हुई। उसने पुलिस से संपर्क कर शव की पहचान शिवानी के रूप में की। सीओ बिधूना पुनीत मिश्रा ने बताया कि पूछताछ में रजत ने बताया कि 9 सितंबर को पिता चंद्रप्रकाश शिवानी को दिल्ली ले जाने की बात कहकर घर से निकले थे। बेला-तिर्वा मार्ग पर नायरा पेट्रोल पंप के पास उसकी बुआ का बेटा दीपक मिल गया। जहां वह घर लौट आया। बहन का शव मिलने और उसकी तस्वीर सामने आने पर उसका संदेह गहरा गया। उसने अपने पिता चंद्रप्रकाश से बहन के बारे में सवाल किया। आरोप है कि किसी को जानकारी देने पर रजत को धमकी भी दी गई। वह डर गया और पुलिस के पास नहीं गया।