आगरा, उत्तर प्रदेश | 14 अक्टूबर 2026
दिवाली से पहले उत्तर प्रदेश के आगरा में चीनी की आपूर्ति प्रभावित होने से बाजार में कीमतें बढ़ गई हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सात दिनों से थोक बाजार में चीनी की नियमित सप्लाई बाधित है और डबल रिफाइंड सफेद चीनी का भाव बाजार में ₹62 प्रति किलो तक पहुंच गया है। घटते स्टॉक के कारण मिठाई कारोबारियों और आगरा के प्रसिद्ध पेठा उद्योग की चिंता बढ़ गई है।
आगरा में चीनी की सप्लाई क्यों प्रभावित हुई?
रिपोर्ट के मुताबिक, आगरा में रोजाना लगभग 3,000 क्विंटल चीनी की खपत होती है। मंगलवार तक थोक विक्रेताओं के पास करीब 4,000 से 5,000 क्विंटल चीनी का स्टॉक बचा था। व्यापारियों को आशंका है कि यदि शुक्रवार तक नई खेप नहीं पहुंची, तो रसोई और मिठाई कारोबार पर असर और बढ़ सकता है।
आगरा खंडसारी एंड शुगर डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गिर्राज अग्रवाल ने आरोप लगाया कि चीनी मिलें चुनिंदा एजेंटों के माध्यम से माल बेच रही हैं। उनके अनुसार, मिलों के मासिक रिलीज कोटे की निगरानी में कमी के कारण बाजार में कृत्रिम कमी पैदा होने की आशंका है।
वहीं, नूरी गेट के व्यापारी विनोद अग्रवाल ने बताया कि महाराष्ट्र से आने वाली चीनी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। उनके अनुसार, पिछले सप्ताह मंगाई गई चीनी की खेप समय पर नहीं पहुंच सकी
पेठा उद्योग और मिठाई कारोबार पर असर
आगरा अपने पेठे और मिठाइयों के लिए प्रसिद्ध है। ऐसे में त्योहारों से ठीक पहले चीनी की कमी कारोबारियों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है।रिपोर्ट में बताया गया है कि शहर के 2,000 से अधिक हलवाई और मिठाई विक्रेता इस स्थिति से प्रभावित हो सकते हैं। पेठा कारोबारी अमित गोयल के मुताबिक, चीनी की उपलब्धता कम होने के कारण कुछ फैक्ट्रियों में उत्पादन प्रभावित होने लगा है।
स्वीट्स एंड नमकीन एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत ने भी चिंता जताई कि यदि त्योहार से पहले पर्याप्त चीनी बाजार में नहीं पहुंची, तो मिठाई कारोबार पर गंभीर असर पड़ सकता है