झांसी: शारदीय नवरात्रि के अवसर पर उत्तर प्रदेश के झांसी शहर में भक्ति, संगीत और पारंपरिक संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिला। नवरात्रि के दूसरे दिन शहर के एक स्थानीय होटल में सीजन का पहला गरबा-डांडिया कार्यक्रम आयोजित किया गया। एएस इवेंट के तहत हुए इस आयोजन में करीब एक हजार महिला और पुरुषों ने हिस्सा लिया। रंग-बिरंगी रोशनी, पारंपरिक परिधान और माता रानी के भजनों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। <Cite refs={[“turn393309news0″,”turn393309news1”]}/>
बच्चियों की आरती से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत छोटी-छोटी बच्चियों की आरती के साथ हुई। इसके बाद माता रानी के जयकारे और भजन गूंजने लगे। भक्तिमय संगीत के बीच प्रतिभागियों ने गरबा किया और डांडिया खेलकर नवरात्रि की खुशियां साझा कीं।
कार्यक्रम में महिलाओं और पुरुषों ने उत्साह के साथ भाग लिया। पारंपरिक कपड़ों में सजे प्रतिभागियों ने गरबा और डांडिया की लय पर नृत्य किया। पूरे आयोजन में उत्साह, उमंग और धार्मिक आस्था का माहौल देखने को मिला।
पारंपरिक परिधानों में दिखीं महिलाएं
गरबा-डांडिया कार्यक्रम में महिलाओं ने रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधान पहनकर भारतीय संस्कृति की खूबसूरती को प्रदर्शित किया। संगीत और नृत्य के साथ लोगों को एक-दूसरे से मिलने तथा त्योहार की खुशियां साझा करने का अवसर भी मिला।
आयोजकों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रम महिलाओं को सामूहिक रूप से उत्सव मनाने और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का मंच प्रदान करते हैं। इससे सामाजिक मेलजोल और आपसी जुड़ाव को भी बढ़ावा मिलता है।
संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम से जुड़ी माला मेहरोत्रा ने बताया कि नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि गरबा और डांडिया जैसे आयोजन भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉ. संगीता राय ने भी कार्यक्रम के भक्तिमय वातावरण पर प्रसन्नता व्यक्त की। उनके अनुसार, माता रानी के भजनों और जयकारों के बीच नृत्य करने से उत्सव का माहौल और भी खास बन गया।
वहीं, कमलेश राय ने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को एक साथ आने, नृत्य करने और त्योहार की खुशियां बांटने का अवसर देते हैं। इससे आपसी मेलजोल और एकता को मजबूती मिलती है।
झांसी में नवरात्रि उत्सव को मिली नई रौनक
झांसी में आयोजित इस गरबा-डांडिया कार्यक्रम ने नवरात्रि के उत्सव में नई रौनक जोड़ दी। करीब एक हजार लोगों की भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया। धार्मिक आस्था, पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए लोगों ने त्योहार का आनंद लिया।
ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से परिचित कराने और सामूहिक उत्सव की भावना को मजबूत करने का माध्यम भी बन सकते हैं।