कानपुर, उत्तर प्रदेश | 14 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश के कानपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के ओबीसी मोर्चा के प्रदेश सचिव रमेश यादव के फार्महाउस पर लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, दो नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें हथियारों के बल पर बंधक बनाया और नकदी तथा सोने के आभूषण समेत करीब 34 लाख रुपये का सामान लूट लिया। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आधी रात को फार्महाउस में घुसे नकाबपोश बदमाश
यह घटना कानपुर के सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के न्यूरी गांव स्थित फार्महाउस की बताई गई है। रमेश यादव के मुताबिक, वह सोमवार रात लखनऊ से लौटकर अपने फार्महाउस पहुंचे थे। कुछ समय बाद दो नकाबपोश बदमाश उनके कमरे में घुस आए।
रिपोर्ट के अनुसार, एक बदमाश के पास तमंचा और दूसरे के पास चाकू था। उन्होंने रमेश यादव को धमकाकर काबू में किया और उनके हाथ-पैर टेप से बांध दिए। आरोप है कि बदमाशों ने उनके मुंह में तौलिया ठूंसकर उन्हें शोर मचाने से रोकने की कोशिश की।
12 लाख रुपये नकद और सोने के आभूषण लूटने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, बदमाशों ने अलमारी से लगभग 12 लाख रुपये नकद निकाल लिए। इसके अलावा सोने की चेन, कड़ा और महंगी घड़ियां भी लूट लीं। अमर उजाला की रिपोर्ट में कुल नुकसान करीब 34 लाख रुपये बताया गया है।
रमेश यादव ने यह भी बताया कि बदमाशों ने उनसे दो करोड़ रुपये देने की मांग की थी। हालांकि, वे इतनी बड़ी रकम नहीं दे सकते थे। वारदात के बाद बदमाश उन्हें बाथरूम में बंद कर वहां से फरार हो गए।
37 मिनट के भीतर वारदात को दिया अंजाम
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध बदमाशों की फार्महाउस में आवाजाही दिखाई दी। पुलिस के अनुसार, पूरी वारदात करीब 37 मिनट के भीतर अंजाम दी गई। घटना के समय फार्महाउस के गेट पर तैनात सुरक्षा गार्डों को कथित तौर पर इसकी भनक नहीं लगी।
इससे फार्महाउस की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं। हालांकि, सुरक्षा में लापरवाही या किसी व्यक्ति की मिलीभगत की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने जांच के लिए गठित कीं टीमें
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले के खुलासे के लिए आठ टीमें लगाई गईं और कुछ संदिग्धों से पूछताछ की गई। जांच में सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य तकनीकी जानकारियों की मदद ली जा रही है।
पुलिस इस आशंका की भी जांच कर रही है कि बदमाशों को फार्महाउस और वहां की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पहले से जानकारी थी या नहीं। फिलहाल, आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और लूटे गए सामान की बरामदगी जांच के अहम हिस्से हैं।
कौन हैं रमेश यादव?
रिपोर्ट के अनुसार, रमेश यादव बिधनू से तीन बार ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं और बसपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। हाल ही में उन्हें भाजपा ओबीसी मोर्चा का प्रदेश सचिव बनाया गया था। वह पीतांबरा ग्रुप के चेयरमैन भी बताए गए हैं।