लखनऊ: राजधानी लखनऊ की आईटी सिटी आवासीय योजना में सड़क और अन्य विकास कार्यों के लिए निर्धारित जमीन पर धान की फसल उगती मिली। निरीक्षण के दौरान यह स्थिति सामने आने पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने अधिकारियों को फटकार लगाई। कार्रवाई करते हुए आउटसोर्स पर तैनात रेवेन्यू इंस्पेक्टर सूर्य प्रकाश की सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया गया। साथ ही चार इंजीनियरों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की गई।
सड़क की जमीन पर धान की खेती देखकर नाराज हुए LDA उपाध्यक्ष
मामला लखनऊ के सुल्तानपुर रोड स्थित आईटी सिटी आवासीय योजना का है। यहां सड़क, नाली और सीवर लाइन जैसे बुनियादी ढांचे का विकास होना है। लेकिन निरीक्षण के दौरान कुछ जमीन पर विकास कार्यों के बजाय धान की खेती होती मिली।
LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से इस स्थिति को लेकर सवाल किए। उन्होंने पूछा कि जब जमीन लैंड पूलिंग योजना के तहत प्राधिकरण के पास आ चुकी है, तो प्रस्तावित सड़क की जमीन पर खेती कैसे हो रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मौके पर मौजूद किसान ने बताया कि रेवेन्यू इंस्पेक्टर सूर्य प्रकाश ने उसे वहां धान लगाने के लिए कहा था। इसके बाद उपाध्यक्ष ने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
रेवेन्यू इंस्पेक्टर सूर्य प्रकाश की सेवाएं समाप्त
निरीक्षण के दौरान सामने आई स्थिति के बाद LDA ने अर्जन विभाग में आउटसोर्स पर तैनात रेवेन्यू इंस्पेक्टर सूर्य प्रकाश की सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया।
अधिकारियों से पूरे मामले पर जवाब भी मांगा गया। मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार तुलसीराम को भी फटकार लगाई गई।
प्राधिकरण की कार्रवाई का उद्देश्य योजना की जमीन पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाना और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करना बताया गया है।
चार इंजीनियरों पर भी कार्रवाई
आईटी सिटी योजना में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को लेकर भी LDA उपाध्यक्ष ने नाराजगी जताई। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिशासी अभियंता निशांत चंद्र, सहायक अभियंता विनीत शर्मा, सहायक अभियंता गौरव सिंह और जूनियर इंजीनियर उर्वशी श्रीवास्तव के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई।
अधिकारियों ने काम में देरी के पीछे बारिश को कारण बताया था, लेकिन निरीक्षण में प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर उपाध्यक्ष ने नाराजगी जताई।
उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि लापरवाही मिलने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
दो महीने बाद भी विकास कार्यों में तेजी नहीं
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि करीब दो महीने पहले जिन स्थानों पर विकास कार्य रुके हुए थे, वहां स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं हुआ था।
आईटी सिटी योजना में सड़क निर्माण और अन्य बुनियादी सुविधाओं का काम समय पर पूरा नहीं होने से परियोजना की प्रगति पर सवाल उठे हैं।
LDA अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और जमीन पर प्रस्तावित विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण की योजना नवंबर-दिसंबर में आईटी सिटी परियोजना को लॉन्च करने की है।
लैंड पूलिंग योजना के तहत विकसित हो रही आईटी सिटी
लखनऊ विकास प्राधिकरण की आईटी सिटी आवासीय योजना लैंड पूलिंग मॉडल के तहत विकसित की जा रही है। इस व्यवस्था में किसानों और जमीन मालिकों से जमीन लेकर उसे योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाता है और बदले में उन्हें विकसित भूखंड आवंटित किए जाते हैं।
ऐसी परियोजनाओं में सड़क, नाली, सीवर और अन्य बुनियादी सुविधाओं का समय पर निर्माण जरूरी होता है, ताकि आवंटित भूखंडों का उपयोग किया जा सके।
निर्धारित विकास क्षेत्र में धान की खेती मिलने और निर्माण कार्यों में देरी सामने आने के बाद अब संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही और परियोजना की प्रगति पर नजर रहेगी।
आगे क्या होगा?
LDA ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सड़क, नाली और सीवर से जुड़े कार्य कितनी तेजी से पूरे होते हैं।
प्राधिकरण की ओर से निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करने और परियोजना को निर्धारित समय पर आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों पर होगी।
FAQs
लखनऊ में सड़क की जगह धान की खेती कहां मिली?
यह मामला सुल्तानपुर रोड स्थित लखनऊ विकास प्राधिकरण की आईटी सिटी आवासीय योजना का है।
LDA ने किस कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की?
आउटसोर्स पर तैनात रेवेन्यू इंस्पेक्टर सूर्य प्रकाश की सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया गया।
कितने इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई हुई?
चार इंजीनियरों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई।
विकास कार्यों में देरी की वजह क्या बताई गई?
संबंधित इंजीनियरों ने बारिश को देरी की वजह बताया, लेकिन निरीक्षण के दौरान काम की प्रगति संतोषजनक नहीं मिली।
आईटी सिटी योजना किस मॉडल पर विकसित हो रही है?
यह योजना लैंड पूलिंग मॉडल के तहत विकसित की जा रही है, जिसमें किसानों और जमीन मालिकों की जमीन लेकर नियोजित विकास किया जाता है।