Tuesday, 25 August 2026

विधानसभा चुनाव से पहले RLD में बड़ी टूट की आहट, सहारनपुर में बड़े पदाधिकारी के पार्टी छोड़ने की चर्चा

सहारनपुर में जयंत चौधरी की रैली से पहले राष्ट्रीय लोकदल में संभावित टूट की राजनीतिक हलचल का प्रतीकात्मक दृश्य।

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पश्चिमी यूपी की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के लिए सहारनपुर से चिंताजनक खबर सामने आई है। पार्टी के एक बड़े पदाधिकारी के लगातार उपेक्षा और सम्मान नहीं मिलने से नाराज होकर किसी दूसरे राजनीतिक दल का दामन थामने की अटकलें तेज हैं। हालांकि, अभी तक संबंधित नेता की ओर से पार्टी छोड़ने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब RLD अध्यक्ष जयंत चौधरी 3 सितंबर को रामपुर मनिहारान में स्वाभिमान रैली करने वाले हैं। रैली को लेकर पार्टी संगठन तैयारियों में जुटा है।

RLD में क्यों बढ़ी नाराजगी?

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, सहारनपुर जिले में RLD के एक बड़े पदाधिकारी पिछले कुछ समय से पार्टी के कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों में अपेक्षित महत्व नहीं मिलने से नाराज बताए जा रहे हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि वह दूसरे दलों के नेताओं के संपर्क में हैं।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यदि वह RLD छोड़ते हैं तो किस राजनीतिक दल में शामिल होंगे। इसलिए फिलहाल इसे संभावित दल-बदल के तौर पर ही देखा जा रहा है।

जयंत चौधरी की रैली से पहले बढ़ी चर्चा

जयंत चौधरी 3 सितंबर को सहारनपुर के रामपुर मनिहारान स्थित गोचर महाविद्यालय में स्वाभिमान रैली को संबोधित करेंगे। RLD की ओर से इसे ऐतिहासिक बनाने की तैयारी की जा रही है।

केंद्रीय मंत्री बनने के बाद सहारनपुर में जयंत चौधरी का यह पहला कार्यक्रम बताया गया है। ऐसे में रैली को संगठन की ताकत दिखाने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पहले भी RLD को लग चुके हैं झटके

सहारनपुर में संभावित नए दल-बदल की चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि RLD को पिछले कुछ समय में संगठनात्मक स्तर पर कई झटके लगे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, RLD के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व MLC डॉ. रामाशीष राय भी कुछ समय पहले पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। इसके अलावा अलग-अलग जिलों के कुछ अन्य पदाधिकारी भी पार्टी छोड़ चुके हैं।

सहारनपुर में पूर्व जिलाध्यक्ष राव कैसर सलीम ने भी कुछ महीने पहले RLD से इस्तीफा दिया था और बाद में आजाद समाज पार्टी का दामन थाम लिया।

चुनाव से पहले बदल रहे राजनीतिक समीकरण

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में RLD की राजनीतिक भूमिका खास तौर पर महत्वपूर्ण मानी जाती है।

इसी बीच नेताओं का दल बदलना और स्थानीय स्तर पर असंतोष चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। RLD के सामने चुनौती अपने पुराने संगठनात्मक आधार को मजबूत बनाए रखने और स्थानीय नेताओं को साथ रखने की है।

हालिया घटनाक्रमों से यह भी संकेत मिलता है कि सहारनपुर में विभिन्न दलों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं।

रैली की तैयारियों में जुटी RLD

जयंत चौधरी की प्रस्तावित रैली को सफल बनाने के लिए RLD ने संगठनात्मक बैठकें शुरू कर दी हैं। सांसद और RLD के राष्ट्रीय महासचिव चंदन चौहान ने भी पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।

बैठक में जिलाध्यक्ष शाहजमां खान, मंडल अध्यक्ष प्रभात तोमर समेत कई पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।

चंदन चौहान ने रैली को ऐतिहासिक बनाने का दावा किया है। स्थानीय स्तर पर भी कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में जुटाने की तैयारी की जा रही है।

अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं

RLD के बड़े पदाधिकारी के पार्टी छोड़ने की चर्चा के बावजूद अभी तक किसी नेता ने आधिकारिक रूप से इस्तीफा देने या किसी दूसरे दल में जाने की घोषणा नहीं की है

इसलिए इस घटनाक्रम को फिलहाल राजनीतिक अटकल के रूप में ही देखना उचित है। आने वाले दिनों में यदि संबंधित नेता कोई औपचारिक घोषणा करते हैं, तो तस्वीर स्पष्ट होगी।

2027 चुनाव पर क्या पड़ेगा असर?

अगर RLD का कोई प्रमुख स्थानीय नेता पार्टी छोड़ता है, तो इसका असर सहारनपुर की कुछ सीटों पर संगठन और स्थानीय चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है। हालांकि, किसी एक नेता के जाने से चुनावी परिणाम पर सीधा प्रभाव पड़ेगा, यह अभी कहना जल्दबाजी होगी।

जयंत चौधरी की 3 सितंबर की रैली इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी कि इससे पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय संगठन की स्थिति का अंदाजा मिल सकता है।


📌 पूरी खबर एक नजर में

मुद्दाजानकारी
पार्टीराष्ट्रीय लोकदल (RLD)
स्थानसहारनपुर, उत्तर प्रदेश
चुनावयूपी विधानसभा चुनाव 2027
मुख्य नेताजयंत चौधरी
बड़ी चर्चाRLD के बड़े पदाधिकारी के पार्टी छोड़ने की अटकल
नाराजगी की वजहकथित उपेक्षा और सम्मान न मिलना
जयंत चौधरी की रैली3 सितंबर
स्थानरामपुर मनिहारान
रैलीस्वाभिमान रैली
पहले का झटकापूर्व जिलाध्यक्ष राव कैसर सलीम ने पार्टी छोड़ी
आधिकारिक पुष्टिअभी नहीं

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