लखनऊ | 14 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 15 अक्टूबर से नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। इसके बाद 16 अक्टूबर को बारिश का असर तराई क्षेत्र और उससे सटे मध्यवर्ती जिलों तक पहुंचने की संभावना है।
हालांकि, सभी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 14 अक्टूबर के पूर्वानुमान में 15 अक्टूबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए गरज-चमक और तेज हवाओं से संबंधित चेतावनी दी गई है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए उस दिन कोई चेतावनी नहीं थी।
पश्चिमी विक्षोभ से क्यों बदलेगा मौसम?
मौसम में बदलाव की मुख्य वजह उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ को बताया गया है। इस मौसमी प्रणाली के प्रभाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू होने की संभावना है।
इसके बाद 16 अक्टूबर को तराई के जिलों और आसपास के मध्यवर्ती क्षेत्रों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव ज्यादा दिनों तक रहने की संभावना नहीं है और 17 अक्टूबर के बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम फिर शुष्क हो सकता है।
15 और 16 अक्टूबर को किन इलाकों में बारिश के आसार?
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मौसम में बदलाव का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग समय पर दिखाई दे सकता है।
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 15 अक्टूबर से कुछ इलाकों में बारिश और तेज झोंकेदार हवाओं की संभावना।
- आगरा, सहारनपुर और दिल्ली-NCR के आसपास: 15 और 16 अक्टूबर को बारिश के आसार बताए गए हैं।
- तराई और मध्यवर्ती जिले: 16 अक्टूबर को कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।
- लखनऊ: 16 अक्टूबर की देर रात या 17 अक्टूबर की सुबह बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश: बारिश का असर कुछ क्षेत्रों तक पहुंच सकता है, लेकिन सभी जिलों में बारिश की पुष्टि नहीं है।
तापमान में भी आ सकता है बदलाव
बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान में लगभग 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है। हालांकि, बारिश से पहले धूप निकलने के कारण दिन में गर्मी महसूस हो सकती है।
लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
मौसम में बदलाव के दौरान लोगों को स्थानीय मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। गरज-चमक या तेज हवाओं के समय खुले मैदान, कमजोर निर्माण और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों और यात्रा करने वालों के लिए भी स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार योजना बनाना उपयोगी रहेगा।