अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में 22 वर्षीय शिक्षिका की मौत के मामले में पुलिस ने एक युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया है। परिजनों का आरोप है कि युवक सोशल मीडिया पर शिक्षिका को परेशान कर रहा था और कथित तौर पर एआई से वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी भी दे रहा था। घटना से पहले दोनों के बीच करीब 10 मिनट तक वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। <Cite refs={[“turn779968view0”]}/>
सोशल मीडिया पर परेशान करने का आरोप
लाइव हिन्दुस्तान की 26 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, खैर क्षेत्र के ओमनगर मोहल्ले की रहने वाली माधुरी एक निजी विद्यालय में पढ़ाती थीं। उनकी छोटी बहन खुशबू ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि चमन नगरिया निवासी दिव्यांश करीब एक महीने से सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर संदेश भेजकर माधुरी को परेशान कर रहा था।
शिकायत के मुताबिक, विरोध करने पर युवक ने धमकी दी और कथित तौर पर एआई की मदद से वीडियो बनाकर वायरल करने की बात कही। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि 20 सितंबर को युवक अपने एक साथी के साथ उनके घर पहुंचा और माधुरी को परेशान किया।
इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है।
कहीं और रिश्ता तय होने के बाद बढ़ा विवाद
रिपोर्ट में क्षेत्राधिकारी अभिषेक कुमार पटेल के हवाले से बताया गया कि प्रारंभिक जांच में युवक और युवती के बीच लंबे समय से बातचीत होने की जानकारी सामने आई। हाल ही में माधुरी का रिश्ता कहीं और तय हुआ था। पुलिस के अनुसार, इसी बात से नाराज होकर युवक कथित तौर पर उन पर शादी का दबाव बना रहा था।
रिपोर्ट के मुताबिक, घटना से पहले दोनों के बीच लगभग 10 मिनट तक वीडियो कॉल हुई थी। इसके बाद संदेशों के जरिए भी बातचीत हुई। पुलिस इन घटनाओं के क्रम और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज
परिजनों के अनुसार, घटना शुक्रवार सुबह की है। शिकायत में कहा गया कि बाद में युवक ने माधुरी की मां को फोन कर घटना की जानकारी दी। परिजन कमरे तक पहुंचे और पड़ोसियों की मदद से अंदर गए। माधुरी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। रिपोर्ट के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों की कर रही जांच
क्षेत्राधिकारी खैर अभिषेक कुमार पटेल के मुताबिक, परिजनों की तहरीर पर नामजद युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस कॉल डिटेल और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एआई से वीडियो बनाने की धमकी का मामला क्यों गंभीर है?
इस मामले में परिवार ने आरोप लगाया है कि शिक्षिका को एआई से वीडियो बनाकर सार्वजनिक करने की धमकी दी गई थी। किसी व्यक्ति की तस्वीर या पहचान का दुरुपयोग करके भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री बनाने और उसे फैलाने की धमकी देना गंभीर चिंता का विषय है।
ऐसी स्थिति में पीड़ित व्यक्ति या उसके परिवार को संदेश, स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने चाहिए तथा पुलिस या संबंधित साइबर अपराध प्राधिकरण से संपर्क करना चाहिए। निजी सामग्री को सोशल मीडिया पर दोबारा साझा करने से बचना भी जरूरी है।
नोट: यह खबर लाइव हिन्दुस्तान की प्रकाशित रिपोर्ट पर आधारित है। परिवार के आरोपों और पुलिस की शुरुआती जांच से जुड़ी जानकारी को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।