अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम की कथित चोरी के मामले में पुलिस की चार्जशीट से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, चोरी की जानकारी देने वाला एक वीडियो तत्कालीन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को भेजा गया था। चार्जशीट में यह भी उल्लेख है कि बरामद चोरी का माल 21 दिनों तक उनकी सुपुर्दगी में रहा।
चंपत राय को कैसे मिली चोरी की जानकारी?
पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, 4 जून को गणना कर्मचारी आनंद चौधरी ने दिल्ली से अयोध्या आ रहे चंपत राय के मोबाइल पर एक वीडियो और संदेश भेजा था। वीडियो में गणना कक्ष के बाथरूम में नोटों की गड्डियां दिखाई दे रही थीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, बाथरूम से करीब 2 लाख 25 हजार रुपये बरामद हुए थे। इसके बाद गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई और कर्मचारियों की गतिविधियों को लेकर पड़ताल शुरू हुई।
गणना कक्ष में कैसे सामने आया मामला?
चार्जशीट में दर्ज गवाहों के बयानों के मुताबिक, चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों की गतिविधियों पर संदेह हुआ था। इसके बाद गणना कक्ष से बाहर जाने वाले लोगों की जांच की गई। पुलिस के अनुसार, जांच की जानकारी मिलने के बाद कथित तौर पर रकम बाथरूम में छिपा दी गई थी।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की। हालांकि, चार्जशीट में दर्ज आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत को करना है।
21 दिनों तक चंपत राय की सुपुर्दगी में रहा माल
लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज होने और पुलिस जांच शुरू होने के बाद बरामद रकम, अन्य मुद्रा और आभूषणों के बारे में पूछताछ की गई। चार्जशीट में उल्लेख है कि चोरी का बचा हुआ माल चंपत राय, गोपाल राव और ट्रस्ट के अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी में सौंपा गया था।
इसके लिए सहमति पत्र और सुपुर्दगीनामा तैयार कर माल ट्रस्ट के लॉकर में रखवाया गया था। बाद में पुलिस ने जांच के दौरान ट्रस्ट परिसर के लॉकर कक्ष से संबंधित सामान अपने कब्जे में लिया।
चार्जशीट में चंपत राय आरोपी हैं या गवाह?
इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस की चार्जशीट में चंपत राय को आरोपी नहीं बनाया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चंपत राय और ट्रस्ट से जुड़े कुछ अन्य पदाधिकारियों के बयान गवाह के तौर पर दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने चोरी के मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जांच में सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजों को शामिल किया गया है।
आगे क्या होगा?
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के तहत चलेगी। अदालत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों की जांच के बाद आरोपों पर निर्णय करेगी।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का यह मामला मंदिर में दान की रकम की सुरक्षा, गणना कक्ष की निगरानी और नकदी के रखरखाव की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाता है।
नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध मीडिया जानकारी और पुलिस चार्जशीट के हवाले से तैयार की गई है। आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।